jagate raho

Just another weblog

361 Posts

920 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12455 postid : 1110063

हिन्दू वनाम मुसलमान

Posted On: 23 Oct, 2015 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

१९४७ में देश आजाद हुआ ! आजादी की लड़ाई केवल एक आदमी ने नहीं लड़ी बल्कि उस स्वतंत्रता संग्राम में देश के हर वर्ग जाति धर्म के लोगों ने अपनी क्षमताओं के मुताबिक़ योगदान दिया ! क्या भारत का आखरी मुग़ल सम्राट मोहमद शाह जफ्फर के त्याग और बलिदान को कभी भूल सकता है ? उन्हें क्या जरूरत थी इस अग्नि कुण्ड में छलांग लगाने की ! वे भी अन्य देशी रियासतों के राजाओं नबाबों की तरह अंग्रेजों की शर्तों को मान कर ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा बन जाते और मजे से अंग्रेजों से पेंशन लेकर सिर पर ताज धारण किए जिंदगी के शेष दिन शानों शौकत से गुजारते, उन्हें क्या जरूरत पडी थी जिंदगी के आखरी मुकाम पर काला पानी की सजा काटने की ! लेकिन वे गुलामी के सोने के महलों में रहने की जगह आजादी में लोहे की हथकड़ियों में ज़ीना श्रेष्ट कर समझते थे !
गांधी जी ने बंटवारे से पहले कहा था की “बँटवारा मेरी लाश पर होगा”, फिर क्या हुआ बंटवारा हुआ और गांधी जी की सहमति से हुआ ! उस वक्त उन्होंने आमरण अनशन की न कोई धमकी दी थी न वे अनशन पर ही बैठे ! वे क्यों बैठते, उन्हें पता था ‘जिन्ना के ऊपर उनका जादू’ कोई असर नहीं डाल सकेगा ! प्रजातांत्रिक ढंग से, सर्व सम्मति से नेता जी सुभाष चन्द्र बोष को कांग्रेस का प्रेजिडेंट बनाया गया था, लेकिन अकेले गांधी जी की धमकी के आगे उन्हें हट जाना पड़ा ! पाकिस्तान को ५५ करोड़ रुपए देने से सरकार ने सर्व सम्मति से इंकार कर दिया था, लेकिन केवल एक आदमी के कारण पाकिस्तान को वो भारी रकम देनी पडी, यह जानते हुए भी की पाकिस्तान उस रकम को हथियार खरीद कर काश्मीर पर अटैक करके काश्मीर को पाकिस्तान में मिलाना चाहता था !

फिर कांग्रेस ने खेली कुटिल चाल, हिन्दू और मुसलामानों को आपस में भिड़ा कर राजनीति की रोटी सेक कर ! आज जो हिन्दू मुसलमानों का दंगा हो रहा है, गाय के गोश्त पर जो राजनीति खेली जा रही है वह सब
शरारती तत्तों का हाथ है ! अगर निष्पक्ष जांच की जाय तो पता लग जाएगा की ये जघन्य हत्या दुष्कर्म करने वाले न हिन्दू हैं न मुसलमान हैं ये देश में शांती भंग करने वाले देश के गद्दार हैं, जिनका न कोई ईमान धर्म है, न देश प्रदेश के प्रति ही प्रेम है ! वे देश के अन्न जल को खा पी रहे हैं, उसी धरती पर जी रहे हैं साथ षड्यंत्र रच कर उसी में छेड़ कर रहे हैं ! ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है ! अरे, सच्चे हिन्दु मुसलमान अपने धर्म का पालन करते हुए दूसरे धर्मों का भी आदर करते हैं ! मुसलमान सच्चे दिल से राम लीला खेलते हैं ; दीवाली, दशहरा और होली हिन्दुओं के साथ मनाते हैं ! हिन्दु भी अपने मुसलमान भाइयाें के साथ दिल खोल कर गले मिल कर ईद का त्यौहार मनाते हैं !
पढ़िए इस खबर को _ दिनाक २३/१०/२०१५ टाइम्स आफ इंडिया पेज १६ – स्थान मेरठ सिकन्दर गेट कॉलोनी मे एक मुस्लिम २९ साल; के इरशाद का परिवार रहता है ! उनकी भोली और जुली नाम की गाय है ! उन्होंने हाल में जुली का पहला जन्म दिन मनाया १० किलोग्राम का अंडाल्यस केक के साथ ! १०० के लगभग मेहमान लोग आए जुली के लिए गिफ्ट के साथ ! जुली को पकोड़ा और फलों का सेवन कराया तथा फूलों से सजाया गया ! जन्म दिन की पार्टी पर चालीस हजार रुपया खर्चा आया ! इरशाद कहता है की “ये दोनों गाय हमारे परिवार के ही सदस्य है ” ! फिर ऐसे लोग गाय को कैसे मार सकते हैं ! हाँ कुछ कटटर पंथी गरीब और अनपढ़ नव जवानों को आतंकवादी विचारधारा में शामिल करने के लिए दूसरे घर्मालम्बियोंके खिलाफ उत्तेजित करते हैं और मौक़ा देखकर उन्हे आतंक वादी बनाकर पाकिस्तान, सीरिया, लीबिया जैसे देशों में भेज देते हैं !
नवजवानों को गुमराह करने वाले भेड़ की खाल में भेड़ियों को बेनकाब करने की आवश्यकता है, देश को सुrक्षित रखने के लिए ! हरेन्द्र

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yamunapathak के द्वारा
October 31, 2015

आम जनता यह इंसानियत समझती है पर सियासी खेल के सामने हार जाती है. साभार

    harirawat के द्वारा
    November 1, 2015

    बहुत दिनों बाद आपकी टिप्पणी मिली, धन्यवाद !

Shobha के द्वारा
October 24, 2015

श्री रावत जी बहुत अच्छा लेख

    harirawat के द्वारा
    October 30, 2015

    शोभाजी आप समय समय पर अपने बेशकीमती प्रतिक्रिया देकर हौहला अफजाई करती हैं, तहे दिल से धन्यवाद करता हूँ !


topic of the week



latest from jagran