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भारतीय सवयं सेवक संघ भारत की आत्मा है

Posted On: 5 Sep, 2016 Junction Forum,Politics में

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भूमिका
जिन लोगों ने कांग्रेस राज से पहले लिखी हुई, हिस्ट्री पढ़ी है, वे वखूबी जानते होंगे की हिंदुओं की, जिन्हें कट्टर मुसलमान आज भी काफ़िर कहके पुकारते हैं, की तुर्क और मुग़ल बादशाहों के समय कितनी दयनीय दशा थी ! इतिहास में कुछ ऐसे भी बादशाहों का वर्णन आता है जो भोजन ही तब करते थे जब उनके सैनिक दी हुई संख्या के हिंदुओं को या तो क़त्ल कर देते थे या मुसलमान बना देते थे ! अरे औरंजेब ने तो सिख गुरु गोविन्द सिंह जी के पुत्रों को भी नहीं बक्शा गया, जब बच्चों ने मुसलमान बनने से इनकार कर दिया तो उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया ! हिंदुस्तान, में एक ऐसा समय भी आया था जहां हिन्दूनाम पर बाजार, सडकों, खेत-खलियानों में कोई नजर ही नहीं आता था ! बाबर ने अयोध्या में राम मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनवाई और हमारे देश के कांग्रेस, और दूसरी पार्टियों से जुड़े, अपने सीने पर धर्मनिरपेक्ष का बिल्ला लगाने वाले हिंदुओं ने भी उसका नाम ‘बाबर मस्जिद’ रख दिया, केवल इसलिए की उनका वोट बैंक बना रहे ! लेकिन मुसलमानों में भी इतिहास की जानकारी रखने वाले मानते हैं की ‘अयोध्या श्री राम की जन्म भूमि थी, तो उनका मंदिर वहां जरूर रहा होगा ! लेकिन आज हिंदुस्तान में ही नहीं विश्व के हर देश में वट (वड़) वृक्ष की तरह हिन्दू अपना वजूद बनाए हुए फ़ैल रहे हैं ! अगर ये संगठित हो जांय तो हिंदुस्तान विकास के नीलाकाश को छू सकता है ! हिन्दू दूसरे धर्मों का भी आदर करते हैं, लेकिन दूसरे धर्मावलम्बी आतंकवाद और खून खराबे पर उत्तर आए तो हिन्दू आत्म रक्षा में तो उतरेंगे ही ! आजादी की लड़ाई देश के सभी धर्मावलंबियों ने मिलकर लड़ी थी ! आजाद हिंद फ़ौज में सुभाषचंद्र बोष की सैना में बहुत से मुसलमान अधिकारी और सैनिक थे ! सुभाषचन्द्र बोष के ड्राइवर निजामुद्दीन जिनको नेता जी ने कर्नल की उपाधी दी थी आज भी ज़िंदा हैं और ११6 साल के हैं ! अभी हाल में प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी उन्हें मिलने उनके घर गए थे और भरी सभा में उनके पैर छूकर उन्हें सम्मानित किया था ! ऐसे देश भक्त बुजुर्गों की अभी तक किसी नेता, राज नेता ने खबर नहीं ली थी ! मोदीजी ने भी आरएसएस से अपनी देश भक्ती की यात्रा शुरू की थी !
सच्चे देश भक्तों की जमात आरएसएस के झंडे तले नजर आजाएगी, अगर अपने निजी स्वार्थों के चश्मे को हटाकर इंसान जब देश भक्त की नज़रों से
देखेगा !
जब सारा देश एक ही झंडे के नीचे धर्म, जाति, ऊंच नीच से ऊपर उठकर सयुंक्त तौर पर अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े तो अंग्रेज घबराए, उन्हें लगने लगा की उन्हें जल्दी ही भारत को छोड़ना पडेगा ! उन्होंने जिन्ना को उसके मुसलमान होने का अहसास करवाया, हिन्दुवों के खिलाफ भड़काया ! बस फिर क्या था, देश की एकता में दरार पड़ गयी, हिन्दू- मुसलमान एक दूसरे के खून के प्यासे होगये ! सं १९२५ तक मुसलामानों का संगठन काफी मजबूत हो चुका था, वे मुसलिन लीग नामक धार्मिक संगठन बना चुके थे ! उन्होंने बिखरे हुए हिंदुओं को मारना शुरू कर दिया ! अंग्रेजों का राज था, वे तो ऐसे ही वक्त का इन्तजार कर ही रहे थे ! ठीक ऐसे नाजुक समय में विजय दशमी के दिन २७/०९/१९२५ को डाक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने जाति, ऊंच-नीच से ऊपर उठकर तमाम हिंदुओं को एक छतरी के नीचे लाकर, स्वेच्छा से भारतीय सभ्यता, परंपरा, गंगा-यमुना की संस्कृति को फिर से जीवित करने के लिए ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’ नाम से इस संगठन की आधारशिला रखी ! भारत माता की, देश के तमाम हिंदुओं की स्वार्थरहित सेवा करने वाला संगठन आरएसएस, एक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ है, भारत देश की आत्मा है, जिसकी मूल विचारधारा “वसुधैव कुटुम्बकम” है, जहां भूकंप बाढ़ , रेल, हवाई जहाज, दुर्घनाएं, कुदरती आपदाएं या रेल, हवाई जहाज दुर्घनाएं घटती हैं, वहां पुलिस वाले, सरकारी महकमा तो देर से पहुंचता है पर मददगार बनकर ये खाकी वर्दी वाले सबसे पहले नजर आते है, और विपदा में फंसे लोगों की मदद करते हैं,सरकार के बचाव कार्य में हाथ बंटाते हैं वहां पर ये नहीं देखते की कौन हिन्दू है, कौन मुसलमान, सिख या ईसाई है ! सफाई अभियान में स्वयं जुट कर देश वासियों को स्वच्छता का उदाहरण पेश करते हैं, देश के बच्चों और नवजवानों को राष्ट्र भक्त बनाते हैं, उन्हें स्वस्थ रहने व आत्म रक्षा के गुर सिखाते हैं ! अहिंसा में विश्वास करते हैं, अपनी ही पाठशालाएं चलाते हैं, जहां बच्चों के भविष्य बनाने के तकनीकी शिक्षा के अलावा वैदिक शिक्षा भी दी जाती है ! लेकिन जब देश की आन वांन शान पर कोई हमला करता है, किसी देश भक्त या देश की अखंडता पर कोई शैतान बनकर अत्याचार करता है तो वहां सरकार को सूचित करके जालिमों को दंड दिलवाते है, क़ानून के दायरे में रह कर ! फिर ये आतंकी कैसे हो गए ? ये कटरपंथी धार्मिक संस्था भी नहीं है, इसके सदस्य अन्य धर्मों के जवान बच्चे भी हैं ! जानकारी के लिए पाठकों को याद दिला दें की इस साल आसाम प्रदेश में १० वीं कक्षा की परिक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला मुस्लिम छात्र है, जो आरएसएस द्वारा संचालित स्कूल में पढ़ रहा है !
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आखीर क्या है ?
भारत के बहुत से लोग जो आऱएसएस के बारे में A B C भी नहीं जानते हैं वे इस सच्चे देश भक्तों के संगठन को बदनाम करने के लिए हवा में तीर चलाते हैं ! जो थोड़ा बहुत जानते हैं वे अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए, राजनीति में वोट बैंक बनाने के लिए जनता में गलत प्रचार करके, गलत सन्देश देते हैं !
इस संगठन पर प्रतिबन्ध की मांग करने वाले या तो सिर फिरे हैं या भारतीय संस्कृति के विरोधी हैं ! ये मांग बिलकुल
नाजायज है ! बल्कि ये मांग करने वाले कौन हैं ? कहीं इनका लिंक पाकिस्तान द्वारा पोषित आंतकियों से तो नहीं है ? इसकी जांच पड़ताल होनी चाहिए !
अरे मांग करनी है प्रतिबन्ध लगवाने के लिए, उन विपक्षियों पर लगवाओ, जो देश के विकास में रोड़ा अटकाते हैं, जो पार्लिमेंट में धेले का काम नहीं करते हैं, केवल शोर शराबा मचाकर देश का करोड़ों रूपये टी ए, डीए, पेंशन के नाम पर जेबों में भरते हैं ! जो सैनिकों द्वारा आतंकी
के मारे जाने पर हायतोबा मचाते हैं, जो जेएनयू में राष्ट्र विरोधी नारों का समर्थन करते हैं, जो जम्मू काश्मीर में अलगाववादियों का समर्थ करते हैं और आतंकवादियों के हौसले बुलंद करने में पिछले दरवाजे से उन्हें प्रोमोट करते हैं ! जो दिन दहाड़े गुंडा गर्दी करते हैं, निर्बल असहाय लोगों को परेशान करते हैं,
नारी समाज का अपमान करते हैं, उनकी अस्मत लूटकर उन्हें मौत के मुंह में धकेल देते हैं, तथा उन राजनेताओं पर जो ऐसे शैतानों की पैरवी में खड़े होजाते
हैं ! जो भारत की मिट्टी में जन्मे पले , पढ़े, पर पाकिस्तान का समर्थन करते हैं, जो भ्रष्टाचार के गंदे कुंवे में डुबकी लगाते लगाते अपनी तीन पीढी तक को
इस कुंवे की कीचड में लपेटे हुए हैं ! जो अपने जन्म दिन पर जनता के पैसे से इंग्लैंड से बग्गी मंगवाते हैं, जन्म दिन पर अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथी के बूत बनवाकर तमाम सरकारी पार्कों में लगवाते हैं, जो कल तक तो अंग्रेजों की चाकरी करते थे, स्वतंत्र सैनानियों की खबर अंग्रेजों को देकर, उन्हें फांसी के फंदे पर लटकवा लेते थे और आज जब उनकी ऊपरी इनकम बंद होगयी है तो सबसे ज्यादा शोर शराबा मचाकर केंद्र सरकार के विकास रुपी रथ को रोकने का प्रयास कर रहे हैं ! रेपिष्ट, हत्यारों, डाकुवों, भ्रष्टाचारियों, आतंकवादियों की मदद करने वालों पर प्रतिबन्ध लगवाइये ! जो मदरसों पढ़ाई के नाम पर बच्चों को गुमराह करते हैं, देश के प्रति घृणा फैलाते हैं, जहर उगलते हैं और उन्हें आतंवादी गुट में सामिल करने में मदद देते हैं, उनपर वैन लगवाइये !
कुछ विपक्षी पार्टी वाले आरएसएस की वर्दी पर महात्मा गांधी जी की ह्त्या का दाग लगाते हैं ! गांधी जी का हत्यारा आरएसयस का सदस्य नहीं था ! जब गांधी जी की ह्त्या हुई थी तो तत्कालीन सरकार के निर्देश से हिन्दू महासभा और आरएसएस के तमाम जानी मानी हस्तियों को जेल में बंद कर दिया गया था और ०४/०२/१९४८ को आरएसएस पर सरकार ने प्रतिबन्ध लगा दिया था ! गांघीजी की ह्त्या की साजिस करने वालों को सजा दिलाने के लिए जस्टिस कपूर की अध्यक्षता में एक जांच आयोग बनाया गया था, जांच रिपोर्ट को गृह मंत्रालय द्वारा १९७० में प्रकाशित किया गया था, जिसमें माननीय जज श्री कपूर ने साफ़ साफ़ अपने जजमेंट में लिखा था की इस हत्याकांड में आरएसएस का कोई हाथ नहीं था और न हत्यारा ही इस संगठन का सदस्य था ! आरएसएस के गणमान्य सदस्य, जिन्हें जेल में बंद किया गया था, वाइज्जत वरि कर दिए गए थे ! १९४९ में ही आरएसएस पर लगा प्रतिबन्ध भी सरकार ने हटा दिया था ! स्वतंत्र भारत के प्रथम भारत रत्न प्राप्त करने वाले श्री भगवान दास जी ने आरएसएस के उच्चस्तर की निस्वार्थ मानव समाज की सेवा के लिए उनकी प्रशंशा की थी ! उनके कार्यों से खुश होकर तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू जी ने उन्हें १९६२ ई में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण के समय निस्वार्थ देश सेवा के लिए १९६३ के गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था ! १९६५ के भारत-पाक युद्ध में श्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने आएसएस को दिल्ली में यातायात व्यवस्था को नियंत्रण करने के लिए जिम्मेदारी दी थी ताकी पुलिस वालों को राजधानी की रक्षा और चौकसी के लिए लगवाया जा सके ! १९७१ की लड़ाई में आरएसएस ने देश में एमरजेंसी के समय क़ानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने में सरकार की मदद की थी, साथ ही स्वेच्छा से घायल सैनिकों को रक्त दान भी इन स्वयं सेवकों ने दिया था ! देश की सबसे बड़ी जनहितकारी, निस्वार्थ सेवादार, अनुशासित पर अवैतनिक सैना है आरएसएस ! इनका दैनिक खर्चा अपने सदस्यों से दिए गए गुरु दक्षिणा से ही चलता है ! इन्हें न कहीं से मदद मिलती है न ही ये किसी से कोई मदद लेते हैं केवल देते ही देते हैं !! जय हिन्द

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1 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

harirawat के द्वारा
July 13, 2017

क्या कारण हो सकता है की इस लेख पर अपने को सच्चा हिन्दू कहने वालों ने भी कोइ टिप्पणी नहीं दी ! जागरण जंक्शन के सदस्यों से अनुरोध है की एक उड़ती नजर इस लेख पर जरूर डालें और सकारात्मक या नकारात्मक टिप्पणी जरूर दें ! धन्यवाद !


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