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समाचारों का हेलीकाप्टर - तीसरा भाग

Posted On: 29 Apr, 2017 में

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जागरण जंक्शन के लेखकों, समीक्षकों, एडिटरों और पाठकों को ‘जागते रहो’ के वैनर तले हरेंद्र का बड़ों को एक लंबा सा नमस्कार, छोटों को आशीष बाकियों को जयहिंद ! आइए समाचारों के हेलीकाप्टर में अपनी सीट बुक कर लें ताकि देश विदेश के हर कोने में होने वाली हलचल और समाचारों से जुड़ने में आपको कोई असुविधा न हो और आप आराम से समाचारों के घने वनों में प्रकृति से जुड़े, पहाड़ों से गिरते हुए झरने, नदियाँ, चश्मे, गगन चूमते पेड़, वर्फ से ढकी पहाड़ियां, फल फूलों से सजे पौधे और मौसम के साथ साथ रंग बिरंगे फूल और हवा के झोंको के साथ लहराते पत्तों को भी देखने का लुफ्त उठा सकें ! !

“आतंकवाद का बढ़ता हुआ ख़तरा”
विश्व में सबसे खतरनाक आतंकी संगठन अलकायदा का सरगना अलजवाहिरी, जिसके सर पर करोड़ों रुपए की राशि लगी है, सुना है वह भी ओसमाना बिन लैडिन की तरह पाकिस्तान में वहां की सेना के सरक्षण में छिपा हुआ है ! अमेरिका की खुपिया एजेंसीज इसके छिपने की जगह भी खोज चुकी है, लेकिन कोई भी कदम उठाने से पहले ठोक पीट कर पाकिस्तान से ही उगलवाने की कोशिश की जा रही है ! पाकिस्तान आतंकियों की आरामगाह है ! पाकिस्तान सरकार बेचारी दोनों तरफ से दबी पड़ी है, विदेशी सहायता पर पल रही है और अपने घर में अपने ही जासूस एजेंसिओं से जिनका आतंकियों से संपर्क है फंसी पडी है ! लेकिन बकरे की माँ कितने दिन खैर मनाएगी, एक दिन तो गर्दन छुरी की धार के नीचे आएगी ! अमेरिकी जासूस एजेंसियां मौके का इन्तजार कर रहे हैं ! सबसे बड़ी मुश्किल है की चीन पाकिस्तान की ढाल बनकर उसके पीछे खड़ा है ! एक तरफ जेएंडके के मुख्य मंत्री दिल्ली में प्रधान मंत्री जी से अलगाववादियों से बातचीत करने की वकालत कर रही हैं और उधर अलगाव वादी आतंकियों को रक्षा कर्मियों के ठिकानों पर अटैक करवाने में मदद कर रहे हैं ! २६/२७ अप्रैल की रात को ४ आतंकवादियों ने अचानक सुरक्षा कर्मियों के कुपवाड़ा कैम्प पर हमला कर दिया ! हमारे सैनिकों ने दो आतंकियों को तो मार गिरा दिया है लेकिन अपने तीन रत्न भी खो दिए (एक मेजर एक जेसीओ और एक सैनिक) दो आतंकी हो सकता है वहीं गाँव में छिपे हुए हैं ! इस बार बार के हमलों से और अकारण अपने बहादुर सैनिकों के बलिदान को रोकने के लिए हमारे सैनिकों को एक बार फिर अचानक इन आतंकियों के कैम्पों में जो पीओके के अंदर पाक सैनिको की निगरानी में चलाए जारहे हैं को चारों और से घेर कर सारे शैतान हत्यारे आतंकियों को जहन्नुम पहुंचाना होगा ! अलगाववादियों को तो देश के साथ गद्दारी करने का चार्ज लगाकर जेलों में डाल देना चाहिए !और पत्थर फेंकने वालों बच्चों को को स्कूलों के अंदर बंद करके उनके दिल और दिमागों में भरे हुए जहर को निकाल बाहर करना चाहिए ! तभी जाकर कासजमिर में में शान्ति की ठंडी लहर
“आतंकियों की शरण स्थली है ये पाकिस्तान,
अमेरिका भी जानता और जानता इंग्लिस्तान,
जानता इंग्लिस्तान, खुद पाक है लोमड़ जैसा,
पीठ पर थपकी देता खड़ा है चीनी भैसा !
देखने को सिविल सरकार पीएम नवाब शरीफ,
राज करता फौजी जनरल नवाब शरीफ भयभीत !!

“भारत की गरीब जनता और रईसी राह चलते डाक्टर ”
सरकार ने देश में क्लिनिक चलाते वाले डाक्टरों से कह दिया है की वे किसी भी मरीज फ़ीस को किसी भी बिमारी से छुक्कारा दिलाने के लिए सस्ती दवाइयां ही लिखें ! जब उस रोग का निदान सस्ती दवाइयों से हो सकता है तो वे मंहगी दवाइयां क्यों लिखते हैं ? डाक्टरों की इस मनमानी का फ़ायदा दवाइयां बनानी वाली कंपनियों को होता है और ऐवज में इन डाक्टरों को कंपनियों से मेहनताना तौर पर कमीशन मिलता है, जिससे वे अपने परिवार के साथ उच्च स्तर का जीवन बसर कर सकें और विदेश यात्रा के लिए पैसों का जुगाड़ भी कर सकें !
दयनीय हालत गरीब मरीज, इलाज कराने आता है, मोटा तकड़ा रईस डाक्टर, मरीज की जेब टटोलता, मोटी ही फ़ीस लेता है ! दवाई भी मंहगी लिख देता, जिसे मरीज खरीद नहीं पाता और डाक्टर की बेरहमी का शिकार हो जाता ! इस पृथ्वी को नियंत्रित करने वाली एक शक्ति है जिसे हम ईश्वर,परमात्मा, विराट स्वरूप, त्रिनेत्र कही नामों से पुकारते हैं, वह शक्ति स्वयं तो सब कुछ देखती है लेकिन किसी को नजर नहीं आती ! वह अफ़राधी को दंड देती है लेकिन अपने हिसाब से ! क्या पता समय की लहरों के साथ उस बेचारे गरीब मजदूर का बेटा डाक्टर बन जाय और डाक्टर का बेटा मरीज बनकर उसी के क्लीनिक में चला जाय ? कुछ भी असंभव नहीं है ! कुदरत इसी का नाम है !
इसीलिए
“हर रईस को हिदायत,
इंसान बनना चाहिए,
गरीब के अश्रुओं पर नजर रखनी चाहिए,
इन आंसुओं की बून्द में
ईश्वर का निवास है,
कारण यही ईश्वर निर्धन के पास है

“सीरपीएफ के जवानों पर नक्षली हमला”
अभी तक रिपोर्ट बताती है की २६ सुरक्षा कर्मी शहीद हुए हैं, ६ घायल हालत में हॉस्पिटलों में पड़े हैं और ६ जवान लापता हैं ! सुकमा जिले में एक सड़क बन रही है जो इन नक्षलियों के अड्डों पर भी नजर रख सकेगी, ये मानव समाज के दैशतगर्द शैतान छत्तीसगढ़ में किसी किस्म का विकास नहीं चाहते ! ११ मार्च को भी इन दुष्टों नेअचानक अटेक करके
१२ सुरक्षा कर्मियों को मौत के घाट उतारा था ! उस समय भी वे सैनिकों की वर्दी, हथियार और गोलाबारूद लूट के ले गए थे ! २४ अप्रैल को इन दैशतगर्द नक्षलियो ने जिनकी संख्या करीब ३०० से ज्यादा बताई जाती है ने हमारे सुरक्षा कर्मियों के ऊपर जो केवल ५०-६० और खाना खा रहे थे पर अटैक कर दिया ! वे आधुनिक हथियार गोला बारूद से लैश थे ! इस संघर्ष में नक्षली भी मारे जा चुके थे लेकिन वे अपने सारे मृतकों की लाशें साथ ले गए ! कमाल है की नजदीकी गाँव वाले भी इन शैतानों का साथ देते हैं, हो सकता है वे गाँव वालों की माली मदद करते हों ! मेरा मानना है की एक बार सरकार को ज़रा परेशानी तो होगी लेकिन सेना की मदद लेकर इनको समूल समाप्त करदो, न रहेगा बांस और न बजेगी बांसुरी !

ये नक्षलवाद ये आतंकवाद बन गया कैंसर रोग,
इनके कारण जान गंवाते हमारे सैनिक रोज !
हमारे सैनिक रोज, बच्चों का बचपन छीन जाता,
नव विवाहिता विधवा होती, भैया लौट न आता !
कहे रावत कविराय कभी ये ऐसा कर जाते हैं,
अपने परिवार के लोगों को भूल से मरवा जाते हैं !

“३ तलाक और मुस्लिम महिलाएं
मुस्लिम महिलाओं ने संसद और विचान सभा चुनाव में भाजपा को वोट दिया इस आशा और विश्वास के साथ की वे एक दिन जरूर प्रधान मंत्री की कुर्सी पर बैठे बैठे मुस्लिम महिलाओं को उनके पतियों के एक तरफ़ा तलाक तलाक तलाक कह देने से निजात दिला देंगे ! इसका असर भी होने लगा है, मध्य प्रदेश की एक कुटुंब अदालत ने एक महिला को
उसके पति द्वारा दिए ३ तलाक को अवैध प्रभावहीन घोषित कर दिया ! (राष्ट्रीय सहारा २४/०४/२०१७ सोमवार) ! कारण तलाक देते समय पति ने मुस्लिम धार्मिक ग्रंथों में दी गयी प्रतिक्रया का पालन नहीं किया, जो विधि विरुद्द तलाक था ! तलाक पति ने केवल इसलिए दिया की लड़की ने अपने घर से दहेज़ लाने से इंकार कर दिया था ! मुस्लिम महिलाओं को अवैध तरीके से दिए हुए तलाक के खिलाफ अपनी आवाज उठानी चाहिए और गरीबों का उत्थान करने वाली सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को गरीब महिलाओं को कानूनी मदद देने के लिए आगे आना चाहिए !

“गुंडों की गुंडा गर्दी”

सुरक्षा कर्मी चाहे वे आर्मी, नेवी या फिर एयर फ़ोर्स के सैनिक, अधिकारी हों या फिर पैरा मिलिटरी के, वे देश की शान हैं और उन की शान के खिलाफ गुंडे मुहावलियों द्वारा किया गया अभद्र व्यवहार पर अपराधियों को शख्त से शख्त सजा मिलनी चाहिए ! कुछ गुंडों ने एयर फ़ोर्स के एक सैनिक को जो अपनी बाइक पर ड्यूटी पर जा रहा था, गुंडे मवालियों की कार से मामूली से टच होगई, बस फिर क्या था, उसके कपडे फाड़ डाले गए, उसके सर्विस सम्बन्धी सारे पेपर और पैसा लूट लिया गया और उसे लात घूंसों से लहू लुहान करके भाग खड़े हुए ! पुलिस ने उन्हें पकड़ तो लिया है, पुलिस उन पर कौन सा चार्ज लगाती है यह देखने की बात है ! जिस देश में सैनिकों की इज्जत होती है सैनिक भी देश की अखंडता, सार्वभौमिकता, स्वतंत्रता के लिए अपने को सहर्ष कुर्वान कर देता है ! उस देश में ऐसे दुर्जन, दैशतगर्द शैतानों को सूली पर चढ़ा दिया जाता है ! कभी सोचो अगर कभी कोई सैनिक इन दुर्दांत शैतानों को इन्हीं की भाषा में जबाब देने लगेंगे तो फिर देश में न गुंडे रहेंगे न गुण्डावाद ! कुछ साल पहले एक जवान अपनी ट्रेनिंग पूरी करके छूती में अपने गाँव जा रहा था, रास्ते में उसे कुछ गुंडों ने आपनेसे उड़ा दिया ! जाल में फंसाकर उसे मार पीट कर उसका सारा सामान लूट कर ले गये ! होश में आ ने पर उसने पहले उन तीनों के घर का पता लिया, न पुलिस में रिपोर्ट की न अपने घरवालों को कुछ बताया ! अगली बार छुट्टी आया अपनी लाइसेंस सुदा बन्दुक लेकर आया ! पहले इन तीनों के बारे में और उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई, अचानक रात को तीनों के परिवार को समूल नष्ट करके अपने को भी बन्दुक से उड़ा दिया ! न पुलिस न कोर्ट को न आपने परिवार के किसी सदस्य को साथ लिया पर TIT FOR तात नाहेड़ें बल्कि मूल ब्याज सहित बदला ले लिया ! अगर वे देश पर कुर्वान होसकते हैं तो आत्म रक्षा और सैनिक की वर्दी का सम्मान भी कर सकते हैं !
सैनिक देश की शान वतन पर हो जाता कुर्वान,
रक्षा करता सीमा पर ये उसकी पहचान,
लेकिन जब कोई गुंडा शैतान
वर्दी का करता अपमान,
नहीं सहन होता उससे,
अपराधी को खुद पहुंचाता शमशान !!

“इतिहास की रोंगटे खड़ी करने वाली घटना”
देश वासियों ने बहुत बड़ी संख्या में झांसी की रानी लक्ष्मी का नाम तो सूना होगा, फ़िल्में भी आई, “खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी” एक समय तो यह गाना हर किसी के लबों पर ! लेकिन चितौड़ ( मेवाड़) के महाराजा रत्नसिंह की महारानी ‘पद्मावती’ के बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे ! मलिक मुहमद जायसी द्वारा रचित प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘पद्मावत’ की नायिका है महारानी पद्मावती !
उन दिनों दिल्ली के तख़्त पर बैठा हुआ था अलाउदीन खिजली ! बहुत क्रूर और शैतान बादशाह था अल्लाउदीन जिसने सत्ता पाने के लिए इन्तजार करने के वजाय गद्दी हतियाने के लिए अपने ही चाचा जलालुदीन खिजली की ह्त्या कर दी थी ! उन दिनों महारानी पद्मावती की ख़ूबसूरती की चर्चा चितौड़गढ़ मेवाड़ से निकल कर दिल्ली दरवार तक पहुँच गयी थी ! अल्लाउदीन एक क्रूर शासक के अलावा बड़ा आशिकवाज भी था ! उसके दरवार में एक से एक खूबसूरत लौंडिया उसका मनोरंजन किया करती थी ! जब उसने पद्मावती की सुन्दता के बारे में सुना तो होश गँवा बैठा, उसने पद्मावती को अपनी महारानी बनाने की ठान ली एक बड़ी सैना लेकर चित्तौरगढ़ के किले पर चढ़ाई कर दी ! काफी मार काट की गयी, लेकिन वह किले पर कब्जा नहीं कर पाया ! वह इतना दुष्ट था की लड़ाई के तमाम नियमों को ताक पर रखकर उसने एक दिन धोके से महाराणा रतन सिंह को किले से बाहर बुला लिया बिना हथियारों के और कैद कर दिया ! महाराणा को छुड़ाने की शर्त रखी थी, की पद्मावती को उसके दरवार में आना होगा अपने पति को छुड़ाने के लिए ! पद्मावती भी कम नहीं थी, जहां वो सुन्दर और खूबसूरत थी वहीँ दूसरी ओर बहादुर, चतुर चालाक और बड़ी होशियार महारानी थी ! राज्य के गूढ़ से गूढ़ रहस्यों को सुलझाने में महारानी को महारत हासिल थी ! रानी ने अल्लाउद्दीन को पत्र लिखकर स्वयं उसके दरवार में जाने के लिए अपनी सहमति देदी साथ ही सर्त लगा दी की ‘ उसकी नौ सौ सहेलियां भी साथ आएगीं और सारी बंद डोलियों में घूँघट में रहेगी’ और जैसे ही महारानी का काफिला सुल्तान के किले में दाखिल होगा महाराजा रत्नसिंह उस समय इन डोलियों के पास ही होना चाहिए’ ! मजे की बात यह थी की उन सारी डोलियों में तथा उन डोलियों को कंधे पर ढोने वाले सारे बहादुर सैनिक थे ! महारानी पद्मावती के भेष में घूँघट में रानी के बड़े भाई गोरा, जो महाराज रत्नसिंह जी के सबसे वफादार, वीर शिरोमणि वरिष्ठ सेनापति थे ! काफिला दिए हुए प्रोग्राम के मुताबिक़ नियत समय पर किले के अंदर दाखिल हुआ ! निर्दिष्ट स्थान पर पहुंचते ही रानी के भेष में गोरा ने सुल्तान के पास खबर भिजवाई की “मैं महाराजा संग्रामसिंह, अपने पति से मिलना चाहती हूँ ! सुल्तान ने अपने गार्ड को आगे करके रत्नसिंह को रानी की डोली के पास भिजवा दिया ! सुल्तान खुश हो रहा था,की संसार की सबसे खूबसूरत महारानी पद्मावती को वह शीघ्र ही अपना बनाने जा रहा था, अलाउदीन के सारे सैनिक थे तो हथियारों से लैश थे पर बिलकुल ढीले ढाले रिलैक्श हालत में ! अचानक सारे डोले में बैठे सशस्त्र सैनिक तथा डोली उठाने वाले सैनिक शाही सैनिकों पर टूट पड़े जैसे चीता बड़ी फुर्ती से अपने शिकार पर झपट्टा मारता है ! अलाउदीन के सारे स्वप्नों पर पलीता लगाते हुए बहुत सारे दरवारी सैनिकों को यमपुरी पहुंचा कर अपने महाराजा को सकुशल चितौड़गढ़ ले आए ! इस अप्रत्याशित घटना ने अल्लाउदीन को अंदर तक झकझोर दिया, उसकी क्रोधाग्नि ज्वाला बन गयी, उसने तुरंत अपनी शाही सेना को लेकर ‘चितौड़’ किले को घेर लिया ! ये घेरा ६ महीने तक रहा ! किले के अंदर जाने के अल्लाउदीन के सारे हथकंडे उलटे पड़ गए थे, लेकिन लम्बी अवधि तक किले के अंदर रसद और पानी न पहुंचने के कारण किले के अंदर बहुत से सैनिक भूखे प्यासे और बीमारी से मरने लगे ! आखिर में महारानी पद्मावती ने किले के अंदर ही चिता तैयार करवाई और अपनी नौ सौ दासियों के साथ सती हो गयी ! सती की चिताएं धधकती जा रही थी और इधर महाराजा संग्रामसिंह अपने बचे हुए सैनिकों के साथ किले का दरवाजा खोल कर भूखे भेड़ियों की तरह शाही सैनिकों पर टूट पड़े खूब खून खराबा करके राणा संग्रामसिंह समेत सारे सैनिक स्वर्ग सिधार गए देश के लिए अपनी कुर्बानियों का इतिहास पीछे छोड़ कर ! अपने विजय रथ को लेकर जब अल्लाउदीन खिजली चित्तौरगढ़ किले के अंदर गया तो उसे सती ज्वाला की धधकती लपटें और राख की ढेर ही नजर आई ! ‘हरेंद्र
पद्मावती’ की कुर्वानी इतिहास के पन्नों में अंकित होगई स्वर्ण अक्षरों में !

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
May 3, 2017

आदरणीय हरेंद्र रावत जी ! आपने एक ही ब्लॉग में कई विषयों पर अच्छी चर्चा की है ! बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई !

    harirawat के द्वारा
    May 4, 2017

    सद्गुरुजी नमस्कार, इसी तरह से अपना हाथ सिर पर रखते रहिए, धन्यवाद !


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