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सैनिक अधिकारी के साथ विराट कोहली की तुलना ? हो ही नहीं सकती !

Posted On 4 Jul, 2017 में

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कहाँ मेजर गोगोई और कहाँ विराट कोहली, फौजी के साथ फौजी ही खिलाड़ी हो तो, बात बनती है ! जैसे मेजर ध्यानसिंह हॉकी का जादूगर !! विराट कोहली ने आईपीएल में तथा वन डे, टी २०, तथा ५ डेज मैचों में करोड़ों कमाए, कोई भी मैच बिना फीस के नहीं खेला ! फौजी प्राणों का बलिदान कर देता है, लेता वही है जो सरकार उसे वेतन भत्ता के बतौर देती है ! हाँ रणभूमि में दुश्मन की कम्पनी या प्लाटून को भारी नुकसान पहुंचाकर, उनके टैंकों को नष्ट करके, कारगिल जैसे पहाड़ियों से अपनी जान की परवाह किये बिना दुश्मन को समूल नष्ट करके अपने इलाके को मुक्त करने पर कहीं जाकर परमवीर, महावीर, वीर चक्र या सेना मैडल से अलंकृत किया जाता है, साथ ही आर्थिक सहायता भी सरकार से मिल जाती है ! जब सैनिक लड़ाई के लिए अपनी बटालियन से निकलता है तो यह सोच कर नहीं जाता की “वह लौट कर वापिस भी आएगा की नहीं” ! यह केवल अपने कर्तव्यों को लक्ष्य बनाकर निकलता है !
यहां कोई मैंन आफ दी मैच घोषित नहीं किया जाता ! न इन वीरों के कारनामों को मीडिया में ही प्रचार प्रसार की इजाजत है ! अब पाठक स्वयं निर्णय करें की मेजर गोगोई से कोहली की तुलना तो दूर की बात है, उनकी तुलना एक सैनिक से भी नहीं की जा सकती, क्यों की सैनिक देश की सेवा के लिए सैनिक बनता है और खिलाड़ी पैसा बटोरने और अपनी ख्याति के खातिर खेलता है ! ये अलग बात है की वे रिकार्ड्स तो अपना बनाते हैं पर साथ में देश का नाम भी जुड़ जाता है !

क्रिकेट बैट बॉल का खेल है, मैदान में ११ -११ खिलाड़ी आमने सामने होते हैं, हार व् जीत के लिए खेलते हैं ! टॉस के लिए सिक्का उछाला जाता है, जो टीम टॉस जीतती है वह अपनी मर्जी से बैटिंग लेती है या फिलडिंग ! बैटिंग टीम रन बनाती है, एक दो या फिर तीन रन भागकर बनाते हैं या फिर चौके छके बॉल को हवा में उड़ाते हुए सीधे बाउंडरी के पार पहुंचा कर ! यहां दर्शकों में शासक प्रशासक से लेकर आम आदमी तक बड़ी संख्या में होती है जो स्वयं तो मनोरजन करती है तथा खिलाड़ियों का हौशला अफजाई भी करती है ! जीतने वाली टीम हारी हुई टीम के खिलाड़ियों से हाथ मिलाती है, जैसे मूक भाषा में कहती हो, ‘भैया भूल चूक माफ़, करना’ ! खेल समाप्त होने पर मैन आफ दी मैच, मैनआफ दी सीरीज का चुनाव होता है, उन्हें ट्रॉफी भेंट की जाती है ! हर खिलाड़ी को उसकी फ़ीस भी उसी समय दी जाती है जो लाखों में होती है ! क्रिकेट दुश्मन देश की टीम के साथ भी खेला जाता है, हाल ही में पाकिस्तान के साथ लड़कियों और लड़कों का मैच खेला गया था ! लेकिन फौजी मैदाने जंग में सर पर कफ़न बाँध कर निकलता है ! या दुश्मन को मार कर देश को सुरक्षित करने में अहम् भूमिका निभाता है या फिर रणक्षेत्र में देश की रक्षा करते हुए अपनी कुर्वानी देकर शहीदों में अपना नाम जोड़ देता है ! एक फजी से एक क्रिकेट खिलाड़ी की चलता हासिपाद है, निरर्थक है !

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1 प्रतिक्रिया

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harirawat के द्वारा
July 4, 2017

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