jagate raho

Just another weblog

412 Posts

1013 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12455 postid : 1353768

२००४ से २०१४ तक बंगलों में रोज मनाई जाती थी दिवाली!

Posted On: 18 Sep, 2017 Politics में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

modi


अभी हाल ही में एक अरबपति परिवार, कहीं गरीब किसानों की झोपड़ियों को जलाकर, उनके नाममात्र एक-दो बीघा जमीन को जबरदस्ती हथियाकर, दोनों मियां-बीवी अचानक भरी जवानी में (६० – ६५ साल की उम्र में) बीमार पड़ गए। बेटे-बेटी विदेश में थे, नौकर-नौकरानियां पूरे घर पर झाड़ू-मारकर उनके मोबाइल, डेबिट, क्रेडिट कार्ड लेकर नौ दो ग्यारह हो गए। दरवाजों पर अलीगढ़ी ताला लटकाकर।


नौकरों का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं हआ था। वे दोनों बीमार तो थे ही भूखे प्यासे तड़प-तड़प कर चल बसे। विदेश में रहने वाले बेटे-बेटियां कई दिनों तक उनसे फोन पर बात करने की कोशिश करते रहे। जब कोई संपर्क नहीं हुआ, तो वे इंडिया आए, पुलिस की मदद से ताला खोला गया, दोनों लाशें सड़ी-गली हालत में मिली।


डाइनिंग, ड्राइंग रूम कीमती और चमकदार विदेशी कलाकृतियों से सजा हुआ था। अभी भी ३-४ करोड़ नकद घर के तहखाने में सुरक्षित मिल गया था। बच्चों को कुछ जरूरत नहीं थी। २० करोड़ की कोठी और दो अरब चल-अचल संपत्ति सरकारी खजाने में जमा हो गई। लुटेरा, हत्यारा, चोर, डकैत ऐसे ही कुत्ते की मौत मरता है। पानी की महंगी बोतल सिरहाने पड़ी थी। ये कोई किस्सा-कहानी नहीं है, बल्कि हकीकत है।


कांग्रेस के मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिन पर कुछ अशोभनीय अपशब्दों का प्रयोग किया है। ये तिवारी जी की गलती नहीं है, उनके परिवार में ऐसी ही शिक्षा दी जाती है। भद्दे और अशोभनीय शब्द इनके परिवार के शब्दकोश में अंकित हैं। मोदीजी को बुरा नहीं लगा। वे कहते हैं जिसके पास गाली-गलौज है, वही देगा। जिसके पास संतोष और ख़ुशी का खजाना है, वह ‘शुभकामनाओं के पुष्प’ गिराएगा।


मनीष जी और उनके चमचों पर अचानक दौरा पड़ जाना स्वाभाविक है। २००४ से लेकर २०१४ तक कांग्रेसियों के बंगलों में रोज दिवाली मनाई जाती थी। चाहे गरीब किसानों को खेती में सिंचाई करने के लिए पानी मिल रहा है या नहीं, इन्हें कोई मतलब नहीं था। वोट मिल गया, पांच साल तक खजांची बन गए। इन दिनों इन्होंने खूब छक-छककर माल खाया, जमा किया, बैंक बैलेंस बढ़ाया।


अचानक बीच में ये मोदी जी कहाँ से टपक पड़े, जो न खुद खाता है और न दूसरों को खाने देता है। ऐसे में गंदे मुंह से गंदी ही भाषा निकलेगी। नरेंद्र मोदी जी नरों में इंद्र हैं, उनकी हैसियत पर कौवों के कड़कड़ाने से कोई असर नहीं पड़ता। मोदीजी अभी अगले १२ साल तक तो देश के प्रधानमंत्री बने रहेंगे। ये देश की आम जनता की आवाज है। जन्मदिन पर बहुत सारी शुभकामनाएं मोदी जी।

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

September 28, 2017

भद्दे और अशोभनीय शब्द इनके परिवार के शब्दकोश में अंकित हैं। मोदीजी को बुरा नहीं लगा। वे कहते हैं जिसके पास गाली-गलौज है, वही देगा। जिसके पास संतोष और ख़ुशी का खजाना है, वह ‘शुभकामनाओं के पुष्प’ गिराएगा। गाँधी परिवार के लिए अशोभनीय शब्दों का उच्चारण करने वाले मोदी जी पहले अपने गिरेबान में तो झांक लें -ये परंपरा उन्ही की चलवाई हुई है .


topic of the week



latest from jagran