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harirawat


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बचपन की यादें ! आज तो गाँव के गाँव खाली हो रहे हैं !

Posted On: 14 Feb, 2018  
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जलते बल्ती ख़बरें, तू चल मै आया !

Posted On: 27 Jan, 2018  
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आओ २०१८ का गणतंत्र दिवस मनाएं !

Posted On: 26 Jan, 2018  
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गण तंत्र दिवस – छबीस जनवरी

Posted On: 25 Jan, 2018  
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ख़बरें कुछ इधर की कुछ उधर की

Posted On: 23 Jan, 2018  
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बसंत पंचमी – २२ जनवरी २०१८ सोमवार

Posted On: 22 Jan, 2018  
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कभी कभी मन में एक प्रश्न उठता है

Posted On: 9 Jan, 2018  
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जब बच्चे थे

Posted On: 4 Jan, 2018  
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ये दुनिया है बेरंगी या है रंगरंगीली ?

Posted On: 21 Dec, 2017  
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धरती तो वही इंसान बदल रहा है !

Posted On: 20 Dec, 2017  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

जय श्री राम भी हरेन्द्र जी सुन्दर विभिन्न समाचार देने के लिए बधाई.कांग्रेस वाम दल चुनाव तो जीत नहीं सकते इसलिए मोदीजी को गाली दे कर खुश हो जाते सुप्रीम कोर्ट का मामला भी कांग्रेस वाम दलों की दें है कायदे से चारो न्यायादेशो के खिलफ कोर्ट की अव्मानता का मुकदमा चलना चाइये या फिर चारो को इस्तीफ़ा देकर प्रेस कांफ्रेंस करनी चाइये थी.इससे न्यायपालिका कमज़ोर होगी और देश भुगतेगा लेकिन मोदीजी की झूझ भूझ से चीजे टीक हो जायेगी.यपकिस्तान सुधरने वाला नहीं उसे हमारी फौजे मूह तोड़ जवाब दे रही.लालू कोआज तीसरे मामले में ५ साल की सजा हुई और उसका लड़का मोदी जी पर इलज़ाम लगा रहा.केजरीवाल ने देश की राजनीती गंदी कर के देश के लोगो का भरोसा तोडा.उसे दिल्ली की जनता माफ़ नही करेगी .हर सेकुलर नेता मोदीजी को गाली देकर अपनी खीज मिटा देता है आपने ममता के बारे में नहीं लिखा राहुल वाम पंथी ममता देश को भी कुर्सी के लिए बेच दे.सुन्दर विस्तार से खबरो और मनोरंजन के लिए धन्यवाद्...

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के द्वारा: harirawat harirawat

जय श्री राम भाई हरेन्द्र जी हमारे हजारो अध्यात्मिक गुरु देश विदेश में शांति ,विश्व बंधुत्व ,आपसी सहयोग,भारतीय संस्कृति,सनातन धर्म ,आतंकवाद के विरुद्ध सन्देश देते उनको योग और अन्य प्रयासों से तनाव मुक्त कर शांतिपूर्वक जिन्दगी के लिए परित करते लेकिन मीडिया केवल कुछ ढोंगी बाबाओ के बारे में इतना हल्ला मचाता खुद ट्रायल करके निर्दोशो को दोषी बना देता जिससे अदालते भी निर्णय लेने में डरती.एक बात बताये केवल हिन्दू बाबाओं के बारे में क्यों हल्ला मचता इमाम बुखारी, अन्य मौल्वियो या इसाई पादरिओ के खिलाफ अवाज् नहीं उठती .कुछ हमारे गुरु इसाई मिशनरीयो के गलत हरकतों के खिलाफ आवाज़ उठाते उनको ये लोग अपने धनबल से फंसा देते.बापू आसारामजी के साथ ऐसा हुआ जिनको सोनिया गांधी ने इसाई मिशनरी के कहने से फंसाया.सच देखिएगा साबित हो जाएगा.हम ज्यादा नहीं कहते आप जरा सोचिये.K

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लालू जी के घरों, कंपनियों, होटलों और महल चौबारों में असीमित धन, बेनामी सम्पति भरी पड़ी है, सीबीआई का छापा पड़ गया, अरबों की धन नसंपति मंत्री बेटों के नाम, पत्नी और खुद इस अपार सम्पति पर अजगर बनकर कुंडली मारकर बैठे हैं और इन्हें अपना भगवान मानने वाले मतदाता गरीबी लाइन से भी नीचे उतर रहे हैं ! जब उन्हें पूछा जाता है की यह इतना धन कहाँ से आया तो वे केंद्र की भाजपा सरकार दोष लगाते हैं की वे राजनीति खेल रहे हैं ! बदले की भावना का आरोप लगा रहे हैं ! अब केस सीबीआई के पास है, फिर चार्ज सीट बनेगी, मवेशी चारा घोटाले की तरह जेल भी होसकती है ! चोर की दाड़ी में तिनका, चोरी की है तो भुगतो ! याद रखना मरे हुए के कफ़न पर जेब नहीं होती, यहाँ के नाते रिश्ते, धन दौलत सब यहीं रह जाता है ! कितने दिन जिवोगे लालू जी अब तो कुछ सत कर्म कर लो !

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जागरण जंगशन के पाठकों को हरेन्द्र रावत का नमस्कार ! अभी हाल ही में मैं देवों और विश्व प्रसिद्द ऋषि और महान विद्वानों विवेकानंद, दयानन्द सारस्वत जैसों की भूमि, जहां मेरा जन्म हुआ था काफी अर्से बाद उस पवित्र भूमि के दर्शन करने के लिए गया था ! यहां की पर्वत श्रृंखलाओं से गंगा-यमुना सरस्वती, ब्रह्म पुत्र गोमती घाघरा वनाम सरयू नदियाँ निकलकर भारत के बड़े भूभाग को हरियाली का आवरण पहिना कर किसान, जवान मजदूरों के चेहरों में मुस्कान भरकर समुद्र में एकाकार हो जाते हैं ! जिसकी पर्वमालाएँ बारहों महीना वर्फ़ से ढकी रहती हैं ! उसी का वर्ण इस ब्लॉग में अंकित करने काम प्रयास किया है ! इस लेख पर जरूर अपनी नजर इनायत करें ! धन्यवाद !

के द्वारा: harirawat harirawat

आदरणीय हरेन्द्र रावत जी ! सुप्रभात और सादर हरिस्मरण ! लिक से अलग हटकर आध्यात्मिक स्पर्श के साथ एक बहुत सुन्दर कविता के लिए आपका बहुत बहुत अभिनन्दन और हार्दिक बधाई ! सत्यपथ तो आदमी के भीतर ही है, किन्तु अच्छी संगति हमारे विश्वास को और पुष्ट करती है, जबकि कुसंगति हमें सत्यपथ से विचलित करती है ! मेरे विचार से स्थित प्रज्ञ की अवस्था आने तक अर्थात सुदृढ़ आध्यात्मिक अनुभव होने तक सत्संगति और सेवा दोनों ही आवश्यक है ! ये अहंकार और नाना प्रकार के विकार रूपी बिमारी से बचा हमें आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ाती हैं ! सुदृढ़ आध्यात्मिक अनुभव ही व्यक्ति को गिरने से बचा सकता है ! आध्यात्म का मार्ग संसार में यहाँ वहां बिखरी हुईं शरीरधारी आत्माओं को आपस में मिलाता है और उन्हें अपने वास्तविक रूप की अनुभूति प्राप्त कर परम पिता परमात्मा के निकट जाने को प्रेरित करता है, ताकि अपने शास्वत धाम पहुँच जीवन-मरण के बंधन से मुक्ति मिल सके ! एक बहुत अच्छी चर्चा के लिए हार्दिक आभार !

के द्वारा: sadguruji sadguruji

जय श्री राम आदरणीय हरेन्द्र जी राहुल गांधी को अपने परिवार का इतिहास पढ़ ले देश वाशी शर्मिंदा है की इनके परिवार का कैसा चरित्र है नेहरूजी प्रधानमंत्री ने बनाए जाने से इतना दुखी की कांग्रेस को तोड़ने को तैयार हो गए महा ऐयाशी नेता ६० साल में देश को खूब लूटा राहुल को शर्म नही आती.लोक सभा चुनाव की हार से इतना तिलमिला गए की संसद को ही नहीं चलने देते ये लोग तो कुर्सी के लिए देश बेच दे.जिसदिन नोट बंदी की शुरुहात हुई कांग्रेस का सब काला धन बेकार हो गया यही तूफ़ान है जिससे राहुल गाँधी परेशान है.गुलाम नवी आज़ाद ने कभी कश्मीरी पंडितो के निष्कर्षण पर चुप क्यों रहे?इतना तो है शायद सभी भ्रष्टाचारी न पकडे जाए लेकिन पकडे जाने वालो को बक्शा नहीं जाएगा.आप् तो सुन्दर और सकरात्मक लेख लिखने में माहिर है सुन्दर शैली

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम आदरणीय हरेन्द्र जी आप का भी जवाब नहीं ऐसे तीर चलाते की पढ़ कर मज़ा आ जाता.सिंह जी इस उम्र में भी सोनिया और गांधी परिवार की जी हुजूरी नहीं छोड़ पाए दुःख होता सुनकर इन्होने तो प्रधानमंत्री पद की गरीमा भी गिरा दी.मोदीजी के नोट बंदी फैसले के साथ जनता है केवल वे रो रहे और चिल्ला रहे जिन्होंने अथाह काला धन जोड़ा था कांग्रेस को बोलने का अधिकार नहीं क्योंकि सबसे बड़े घोटाले मनमोहन सिंह जी के समय हो इन्हें तो अब जा कर अपने पापो के प्रयाचित के लिए तपस्या करनी चाइये देश के लोकतंत्र का अपमान है की सिंह जी ऐसे प्रधानमंत्री हुए जो एक संसद का चुनाव नहीं जीत सके और आँख मूड देश को लुटवाते रहे.सुन्दर लेख के लिए बधाई

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जय श्री राम हरेन्द्र जी भारत आने पर आपका स्वागत.अमेरिका बहुत बड़ा देश बहुत ही विविधता से भरपूर्ण है हर तरह की खूबसूरत जगहे है मनमोह लेती है.हमारी एक लडकी न्यू जर्सी में रहती है !हम बी धर्मपत्नी के साथ १९८५ में १० दिन ले लिए गए थे और ४ शहर लॉस एंजेल ,नेयुयार्क ,वाशिंगटन और फ्लोरिडा में डिस्नी लैंड गए थे उसके बाद टोरंटो और फिर यूरोप होते स्वदेश वापस आये थे ये मौका था जब २१ वर्ष कार्य करने के बाद नाइजीरिया से नौकरी ख़तम होने के बाद वापस आ रहे थे.बहुत अच्छा लगा केनेडी स्पेस सेंटर भी देखा और हॉलीवुड की शूटिंग भी !जितना अमेरिका घूमे उतना कम आप हल साल जाते इसलिए ज्यादा जगह घूम आते.आपका विवरण पढ़ कर अच्छा लगा और मन ललचा जाता वैसे जहाँ रहे वही अच्छा लगता.सुन्दर विवरण के लिए धन्यवाद.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम हरेन्द्र जी बहुत सुन्दर लेख लेकिन गांधीजी ने देश के लिए बहुत कुछ किया लेकिन बहुत गलती कर दी.देश का राज्य अहिंसा से नहीं चलता वहां साम,दाम,दंड भेद से चलता.भगवान् राम और कृष्णा जी ने सिखया की समाज के दुश्मनों को कभी छोड़ना नहीं चाइये.चाणक्य भी यही नीति अपनाते थे.गांधीजी ने सरदार की जगह नेहरूजी को प्रधानमंत्री बनवा कर सबसे बड़ा नुक्सान किया नेहरूजी नोबेल शांति पुरासकात चाहते थे इसीलिये देश की ये हालत हुई कश्मीर उन्ही करर दें है इंदिराजी ने ९०००० सैनिक छोड़ गलती की इस परिवार की वजह से देश की जनता उतना कष्ट सह रही.इस पर चाहे जितना चाहे लिखा जा सकता है सुन्दर लेख के लिए आभार.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम आदरणीय हरेन्द्र जी आपका अमेरिके बारे में विस्तृति जानकारी देने के लिए धन्यवाद्,अमेरिका और पच्छिम के देश भगवन कृष्णा का कर्मयोग सिद्धांत पालन करते इसीलिये वे देश इतने संपन्न है हमने भी १९८५ में पत्नी के साथ १५ दिन घूमे थे लॉस एंजेल्स में हॉलीवुड फिल्मो की शूटिंग देखने को मिली केनेडी स्पेस सेंटर देखा,वाइट हाउस न्यूयार्क की इम्पायल स्टेट बिल्डिंग और भीड़ का मजा लिया और फ्लोरिडा में डीज्ली लैंड में मौज मस्ती के बाद टोरंटो होते यूरोप चले गए.हमारी लडकी अपने पति और २ बच्चो के साथ अमेरिका में ही है वहां भारतीय संस्कृत खूब फ़ैली है हमारी लडकी ने दो बच्चो को बहुत अच्छे संस्कार दिए वहां भ्रष्टाचार नाम की चीज नहीं अदालते बहुत जल्दी बदमाशो को कड़ी सजा देती वहां रह कर जिन्दगी स्वर्ग लगती है वैसे हमें ५ साल का वीसा मिल गया था चाहते तो वही बस जाते लेकिन हमने देश में ही रहना अच्छा समझा आपकी लेखन शैली बहुत अच्छी इतने सुन्दर पोस्ट के लिए बहुर आभार.काश हमारे देश्वशी वहां से सीखे

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जय श्री राम माननीय हरेन्द्र जी भगवन कृष्णा के मुख से युद्धक्षेत्र में अर्जुन को दिए दिव्या ज्ञान की अओने जी आसन तरीके से हम सबको समझाया ये आपकी दूरदर्शिता दर्शाती है ऍये दुर्भाग्य की कर्मा संस्कृत का ज्ञान भगवान् ने भारत में दिया लेकिन हम लोग भूल गए और पच्छिम देश सीख गए इसीतरह भगवान् का उपदेश की आतंकवादियो या दुस्ठो को कभी चोदना नहीं चाइये नहीं तो वे समाज को ज्यादा कस्ट देंगे हम भूल गए.भगवान् को कितना कस्ट उठाना पड़ा हमलोगों को यह भी सीखना चाइये.इसीलिए उत्तरप्रदेश हमें सर्व श्रेष्ट्र लगता क्योंकि ये भगवान् राम और भगवान् कृष्णा की जन्मभूमि और कर्म भूमि है सुन्दर प्रस्तुति के लिए बहुत आभार.

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"हर जीव के दिल में दीपक बन, सदा मैं जलता रहता हूँ, नजर झुका के ज्योति देखलो, सब जीवों से कहता हूं, न मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा न मैं चर्च में रहता हूँ, हर दिल में मोती सा बन, दिल रोशन मैं करता हूँ," आदरणीय हरेन्द्र रावत जी ! बहुत सुन्दर, सार्थक और उपयोगी ब्लॉग आपने प्रस्तुत किया है ! आपकी कविता की उपयुक्त पंक्तियाँ बहुत अच्छी लगीं ! भगवान् श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन से कहा है और जैसा कि आपने भी इस ब्लॉग में लिखा है कि जो ज्ञान आज मैं तुम्हे देने जा रहा हूँ, उसे मैंने सबसे पहले सृष्टि के आदिकाल में सूर्य को दिया था ! मुझे लगता है कि ईश्वरीय ज्ञान सृष्टि के आदिकाल में भी प्रकाश के रूप में विद्यमान था, जिसे भगवान् श्री कृष्ण जी ने सूर्य की संज्ञा दी है ! सबसे पहले आदि पुरुष मनु जी ने ध्यान समाधि द्वारा उसे देखा होगा ! फिर आगे यही ज्ञान परम्परा के रूप में आगे बढ़ा ! आपकी चर्चा मुझे बहुत भाई ! रिलायंस 4जी अभी शुरू हुआ है, मैंने भी कनेक्शन लिया है, लेकिन उसमे अभी नेट डिस्कनेक्ट होने की बहुत विकट समस्या है ! कृपया इसे 'ठंठी दृष्टि' न समझें ! आप के साथ-साथ देश के सभी सैनिकों को मेरा सलाम ! मेरे पिता जी अब इस संसार में नहीं हैं, लेकिन तीन युद्धों में भाग लेने वाले और तीस साल तक सेना की सेवा करने वाले उन जैसे बेहद ईमानदार, देशभक्त और बहादुर सैनिक का पुत्र होने का गर्व है मुझे और आजीवन रहेगा ! उत्कृष्ट प्रस्तुति हेतु हार्दिक आभार !

के द्वारा: sadguruji sadguruji

के द्वारा: DR. SHIKHA KAUSHIK DR. SHIKHA KAUSHIK

शोभा जी, नमस्कार ! आपके मार्ग दशर्न का लाभ मिलने से मुझे आतंरिक खुशी के अलावा लेखन कार्य में भी सहायता मिलती है, इसके लिए आपका धन्यवाद करता हूँ ! आपने सही कहा की सैनिक का तो कार्य क्षेत्र ही काफी विस्तृत है ! वह कुदरती आपदावों, बाढ़, भूकंप, बादल फटने से होने वाली विनाश लीला में भी इंसान ही नहीं पशुओं की रक्षा करने का दायित्व संभालता है ! "इंसान के कुकर्मों से जब कुदरत खपा हो जाती है, स्वच्छता नभ मंडल की अपनी चमक गंवाती है, क्रोध की ज्वाला भड़क उठती, लहरे सागर में उठती हैं, प्रलय के बादल उमड़ घुमड़ अन्धकार फिर करती हैं, भूकंप से धरती हिल जाती, उथल पुथल फिर बाढ़ मचाता, बतलाओ, हे मानव तुम्हे, फिर इस विपदा से कौन बचाता ? सरहद पर सिर जो कटाते हैं, आतंकवाद भगाते हैं, देशवासी चैन से सो पाएं, सीमा पर अपनी नींद गंवाते हैं ! बाढ़ आई श्रीनगर, राजोरी में, जन जीवन अस्त व्यस्त हुआ, "अरे कोई आकर हमें बचाओ", फंसे बाढ़ में करते थे दुआ, जिन पर तुमने पत्थर मारा, उन्हीं ने आकर तुम्हे बचाया, और बदले में तुम लोगों ने उन पर गाली पत्थर बरसाया ! काश्मीर की जनता, अबतो जागो, अपने पराए पहिचानों, हिंदुस्तानी सैनिक रक्षक हैं, आतंकियों को दुश्मन मानो !

के द्वारा: harirawat harirawat

जय श्री राम हरेन्द्र जी बहुत अच्छी कविता ये वोटो और कुर्सी के लालची नेता तो ज़रुरत पड़े देश भी बेच दे इनका कोइ ईमान नहीं.इसी सेना ने बाढ़ के समाया कितने नागरिको की रक्षा की थी तब ये अलगाव वादी नेता दम दबे बैठे थे वैसे भी इनके बच्चे और रिश्तेदार कभी पत्थर फेकने वाले नहीं बनते.संसद में सांसदों के आचरण से शर्म आती मीडिया या तो कांग्रेस ने खरीद लिया या फिर विदेशी प्रभाव में पैसा ले रहे.देश यदि सुरक्षित है तो इन सैनको की वजह से.अभी हाल में रक्षा मंत्री की खटिया खडी कर दी क्योंकि आमिर खान की बात का बिना नाम लिए विरोध किया विरोधियो को वोट जनता क्यों देती समझ में नहीं आता आपकी कविता सैनको के लियेबहुत उपयुक्त है.अलगाव वादी नेता की लडकी ने एक हिन्दू कश्मीर पंडित से शादी की मीडिया चुप क्योंइन सैनिको की सोच में न जाती है न धर्म न प्रदेश है तो केवल देश.इन सैनिको पर देश्वशी गर्व करते है.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम हरेन्द्र जी आज कारगिल युद्ध की १६ वी विजय दिवस देश मन रहा ऐसी में आपकी कविता सैनिको के वलिदान की सची भावना कहती हम कोग हमेशा कोसते रहते बिजली,पानी और सुविधाओ के लिए क्या कभी सोचा उन सैनको के लिए जो देश की रक्षा किन मुसीबत के साथ कर रहे.देश में ऐसी सेकुलर लोगो की कमी नहीं जो बुरहानी के मरे जाने और सिंक कार्यवाही पर उंगली उठाते लेकिन नहीं जानते यदि वे वहां से हाथ जाए तो पाकिस्तान अमृतसर आतकवादी भेज देगा ऍबिहार में पाकिस्तानी झंडा फहराया गया देश विरोधी नारे लगे सब चुप ये है हमारे देश के सेक्युलर नेता जो कुर्सी के लिए देश बेच दे.ममता ईमानदार है लेकिन जिस तरह बम बनाने वालो और भ्रष्टाचारियो लो बचाती और मोदीजी का विरोध करती उससे हमें उससे नफरत हो गयी.देश में एक आराजक नेताओ की कतार है जिनमे केजरीवाल,नितीश,ममता मायावती और राहुल गाँधी है.आप की कविता की प्रसंशा के लिए मेरे पास शब्द भी कम है.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

श्री रावत जी मेरा इंटरनेट २६ दिन तक खराब रहा कभी - कभी रात को १ बजे आधे घंटे के लिए चमक जाता बड़ी कोशिश से अब ठीक हो सका है में आपके क्या हरेक लेख पढने से लगभग वंचित रही अब ठीक हुआ है आपके सम्पूर्ण लेख में दर्द दिखाय्ह दर्द हर भारतीय के दिल में हैं आप आर्मी में रहे है आर्मी की कुर्बानियां देखी हैं आप मेरा लेख मैक्यावली पढियेगा आपको हर प्रश्न का जबाब मिल जाएगा कैसे राजनीति चलती है घर के मंदिर का दिया बुझ गया, एक चित्कार निकली, ‘विधाता’ ये तूने क्या किया ! पूरी रात आँखों में बिताई, सुबह दरवाजे पर एक फौजी गाडी आई, तिरंगे में लिपटी बेटे की अर्थी थी, पत्नी का सुहाग, बच्चों की छतरी थी, मां पिता जी की बुढापे की लाठी थी,पढ़ कर बहुत तकलीफ हुयी

के द्वारा: Shobha Shobha

जय श्री राम हरेन्द्र जी अमेरिका में आपका समय खुशी से बीते आज तक तो आप भी चुनाव का मज़ा ले रहे होगे.आपका व्यग्यात्मक लेख पढ़ा बहुत अजा आया.हमारा म्यायालय भी तो लालू.मुलायम,मायावती जयेललिता ऐसे नेताओ के खिलाफ कुछ नहीं करता लालू जमानत पर है राजनीती में कैसे सक्रिय.आपने देखा होगा कैसे इफ्तार दवातो में सेक्युलर नेता अपने को मुस्लिम प्रेमी दिखने के नाम टोपी पहनते और आ फोर्ड फाउंडेशन और जोकर केजरीवाल को भूल गए जो सुबह रात जागते सोते भगवान् की जगह मोदीजी का नाम लेता.इस देश को मोदीजी ऐसा नेता मिला इसलिए उम्मीद है.अगला लेख आपका अधिकार और करतवो पर उम्मीद कर रहे है.आप खूब नियाग्रा फाल का मज़ा ले.नेयुयार्क के संतानधर्म मंदिर का आनंद आज कल हम घर बैठे ले रहे है.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

श्री रावत जी आपने घर बैठे देव भूमि के दर्शन करवा दिए मैने इन तीर्थों में नीलकंठ के दर्शन किये हैं हम लोग परिवार सहित नीलकंठ गये मेरी एक बहन थोड़ी ज्यादा ही मोती हैं सब जारहे थे हम सब चल दिए सोचा आस पास ही नीलकंठ महादेव होंगे स्वर्गाश्रम के पास एक बाबा ने मेरी बहन से पूछा आप कहाँ जा रहीं हैं उसने बड़ी शान से कहा नीलकंठ उसने तेज आवाज लगाई देखों यह मोटी बाबा के दर्शन करने जा रही हैं आज भी यात्रा याद हैं पहाड़ के बाद पहाड़ बस किसी तरह धाम पहुंच गये मेरी मोटी बहन तो कह रही थी में तो यहीं से लुढक जाती हूँ अपने आप नीचे पहुंच जाउंगी परन्तु नीलकंठ पहुंच कर समझ आया इन दुर्गम पहाड़ियों में मन्दिर हमलों से बचाने देव की मूर्तियों की रक्षा के लिए हैं कैसे हमारे पूर्वजों ने धर्म की रक्षा की है आभारी हैं हम उनके

के द्वारा: Shobha Shobha

के द्वारा: Rajeev Varshney Rajeev Varshney

रमेश अग्रवाल जी, नमस्कार ! जब भगवान् कृष्ण ने मां के आठवें गर्व के रूप में आकर कंस का वध करना था, पहला बच्चा कंस के सामने लाया गया, उसने छोड़ दिया, लेकिन नारद जी की मंत्रणा से उस बालक को कंस से मार दिया ! जब देवताओं ने नारद जी से इसका रहस्य पूछा तो नारद जी ने कहा था, "धरती के प्राणी कष्ट में हैं, इस पापी कंस से जितनी जल्दी ज्यादा से ज्यादा पाप कराए जाएंगे, उतनी जल्दी भगवान का अवतार होगा, इसलिए उससे मैं मंत्रणा देता रहता हूँ !" ठीक उसी तरह इस कलयुगी कन्हैया का भी काल नजदीक है, जितना बकवास करेगा उतनी जल्दी कालकवलित होगा ! आजकल तो उसका मुंह ज्यादा ही खुलने लगा है कांग्रेस की हाँ में हाँ मिलाने लगा है ! जब चींटी के पंख निकल आते हैं वह जल्दी ही काल के मुंह में चली जाती है !

के द्वारा: harirawat harirawat

जय श्री राम हरेन्द्र जी सबसे बड़ी शर्मनाक बात है की हमारे सेक्युलर नेता राहुल,नितीश,केजरीवाल,लालू ममता के अलावा वाम डालो के साथ मीडिया का एक बड़ा भाग कन्हैया ऐसे देश गद्दारों का समर्थन कर रहे मुसलमानों से भी कोइ विरोध नहीं ये सब मोदीजी विरोध के नाम पर देश को भी बेच डाले ऐसी गंदी राजनीती है ऐसे देश गद्दार हमारे दुश्मन पाकिस्तान को बारूद दे देते लेकिन खुद ही अपनी मौत मरेंगे इस देश को क्या हो गया की राजनीती के चक्कर में सैनिको के वलिदान को भूल गए इंग्लिश मीडिया मोदीजी के बहुत खिलाफ है JNU के कुलपति क्यों नहीं कार्यवाही करते?बहुत अच्छी भावनाए व्यक्ति की आपने उसके लिए आभार और साधुवाद.

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

माथुर जी नमस्कार ! आपके विचारों से मैं सहमत हूँ, लेकिन साथ ही धुंवा तो वही उतरा है जहां आग सुलगती है ! इस षड्यंत्र के पीछे चाहे किसी का भी हाथ हो, लेकिन कन्हैया जी इस विश्व विद्यालय में पी, एच. डी. कर रहे हैं और विश्व विद्यालय की राजनीति से अच्छी तरह से वाक़िब थे, इसीलिये उन्हें यूनियन का प्रेजिडेंट बनाया गया ! उन्हें क्या जरूरत थी की वे आतंकी अफजल गुरु की वर्सी मनाने के लिए तैयारी करने वालों में अग्रगणी बन कर सामने आएं ! वामपंथी तो १९६२ से चीन से प्रभावित थे, ये लोग तो प्राय भारतीय राजनीति से बहिष्कृत थे, लेकिन भाजपा से टककर लेने के लिए दोस्त दुश्मन सब एक होगये, कांग्रेसी या अन्य विपक्षी दल वामपंथियों की १९६२ में चीन की नजदीकियां भी भूल गए ! चलो अभी केस कोर्ट में है, देखते हैं कौन सही है और कौन गलत है !

के द्वारा: harirawat harirawat

रावत जी, तथ्यों पर अफ़वाहों की धुंध छाई हुई है और मीडिया भी पूरी तरह से सच्चाई को सामने लाने की जगह सभी राजनीतिक दलों की भांति अपना हित साधन करने में ही लगा हुआ है । वही बातें सनसनी का तड़का लगाकर आमजन को परोसी जा रही हैं जो मीडिया के हितों के अनुकूल हों । कन्हैया कुमार के विरुद्ध कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं । सुनीसुनाई बातों के आधार पर उसे इसलिए गिरफ़्तार करके उस पर गंभीर अभियोग लगाए गए हैं क्योंकि हमारी निकम्मी पुलिस और स्वार्थी राजनीतिक दलों को एक बलि के बकरे की आवश्यकता है । उसका अपना पक्ष तो सामने आने ही नहीं दिया जा रहा । वह वामपंथी अवश्य है लेकिन उसके राष्ट्रविरोधी होने का कोई इतिहास नहीं है । जब तक उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर नहीं दिया जाता, क्या मालूम कि सत्य क्या है ? यह सारा मामला एक रहस्य में लिपटी गाथा है जिसके पीछे किसी गहरे षड्यंत्र की गंध आ रही है । कहा नहीं जा सकता कि परदे के पीछे छुपा सच कभी सामने आएगा या नहीं । जनता तो वही जान पाती है जो उसे जनवाया जाता है और इसीलिए वह गुमराह होती है । मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि यदि आपके लिए संभव हो तो स्वयं निजी स्तर पर इस मामले की छानबीन करें और इसकी तह तक पहुँचें ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके ।

के द्वारा: Jitendra Mathur Jitendra Mathur

जय  श्री राम हरेश जी  हमारे बेशर्म नेता कह रहे की हेडली से जबरदस्त कहलवाया गया और क्या प्रूफ की वह सच बोल रहा केंद्रीय सैकार ने अदालत में हलफनामा देकर मन था की इशरत आतंकवादी है लेकिन अहमद पटेल जो सोनिया गांधी के सलाहकार और गुजरात से राज्य सभा के सदस्य है उनके कहने से हलफनामा वापिस किया और ख़ुफ़िया ब्यूरो के ऑफिसर राजेंद्र कुमार जिसने इशरत की सूचना दी थी बहुत परेशां किया ये काम नरेन्द्र मोदी बीजेपी को बदनाम करने और मुस्लिम वोटो के लिए किया गया नितीश ने इशरत को बिहार की बेटी बताया था आज कोइ भी सेक्युलर नेता इस पर बोल नहीं रही और देश विश्व समुदाय का हंसी पात्र बना और पाकिस्तान खुश की भारत में उसके समर्थक है बहुत दुखदाई बात  है शर्म आती है ऐसे नेताओ पर ,अच्छे लेख के लिए बधाई

के द्वारा: rameshagarwal rameshagarwal

जय श्री राम हरेन्द्र जी बहुत अच्छा और सार्थक लेख पाकिस्तान जनता है की भारत युद्ध में जीत जाता लेकिन समझौते में हार जाता नहीं तो यदि नेहरूजी कश्मीर में पटेलजी को ही कार्य करने देते तो कश्मीर समस्या ही नहीं होती हम १९६५ में और ७१ में बातचीत की टेबल में कमज़ोर पर जाते नहीं तो ताशकंद में बिना एकुपई कश्मीर वापस किये या १९७१ में ९०००० सैनिक लौतालने नहीं चाइये क्या फायेदा ऐसी दुश्मनी का १९६० में भारत को सुरक्षा परिषद् की स्थाई सीट मिल गयी नेहरूजी ने चाइना के लिए सिफारिश कर दी.१९६० में सैनिक प्रतिष्ठान लिपस्टिक और घरेरू चीजे बनाती थी कानपूर में भी ऐसा होता था.कृष्णा मेनन बहुत ही ऐयाशी आदमी था जो हमारा रक्षा मंत्री था.नेहरूजी सिवाय एडविन माउंट बेटन के किसी अन्य की सुनते नहीं भगवन ने भारत को सबसे ज्यादा दिया परा शय मूर्खता या उदारता भी खूब दे दी जो बहुत घटक है.आचे लेख के लिए बहुत बधाई आप इसमें माहिर है.

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"हम भी जानते हैं की फौजियों का मैडल अन्य पुरुष्कारों से भिन्न है, ये मैडल उन्हें उनकी बहादुरी, बफादारी, ईमानदारी, देश के लिए दी हुई कुर्वानी के लिए दिया जाता है, बर्फानी ऊंची ऊंची चोटियों में सर्दीली तेज हवावों के थपेड़ों को सहन करके, बीहड़ जंगलों में आतंकवादियों, पड़ोसी दुश्मनों, देश के गद्दारों को ढूंढकर उन्हें उनके कुकर्मों के लिए दण्डित करने के लिए दिए जाते हैं ! लड़ाई के टाइम पर सरहद की रक्षा के लिए और पीस टाइम पर आतंरिक सुरक्षा के लिए मेडल, स्टार दिए जाते हैं ! इनको लौटाना मैडलों की तौहीन ही नहीं बल्कि अपने स्वयं के मान सम्मान को भी आघात पहुंचाने वाला है !" आदरणीय हरेन्द्र रावत जी ! अच्छे और विचारणीय लेखन के लिए हार्दिक बधाई ! आपकी बात से सहमत हूँ !

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के द्वारा: DEEPTI SAXENA DEEPTI SAXENA

आदरणीय हरेन्द्र जी , वैसे तो में आपके लेखन का पहले से ही मुरीद हूं । कुछ करणों वश , कुछ  समय से इस मंच से दूर था । इस मंच पर आपके समाचारों की समीक्षा की श्रंखला देख कर अत्यन्त  आनन्द हुआ । यह ताजा तरीन प्रस्तुति भी पूर्व की भांति रोचक है । समाचारों के जंगल में इस बार  98-99 साल के एक ,संत भी है और उनके सार्थक-वचन भी हैं । सदा की भांति राजनीतिक ( प......) के दांव-पेंच भी हैं । काले हिरन के आगे लोमड़ी की चालाकी भी है । शेर का गर्जन है और भेडिये की  क्रूरता भी । वास्तव में सारा जंगल साकार होगया । इस जंगल की सुदीर्घ यात्रा में आप सुरक्षित रहें  स्वस्थ रहें एवं प्रसन्न रहे और इस जंगल से गुजरने वालों को सावधान करते रहे कि जागते रहो । 

के द्वारा: anilkumar anilkumar

रावत जी आपके अमेरिका यात्रा का विवरण पढ़कर मेरा मन भी उस खूबसूरत साफ़ सुथरे शहर को देखने के लिए तरसने लगा काश मैं भी आपकी तरह सौभाग्यशाली होता अपना भी कोई होता तो जरूर चंद रोज के लिए भी मुझे अमेरिका बुलाता पर अब तो ऐसा लगता है मेरा यह सपना सपना ही रह जायेगा. बड़े शौक से पासपोर्ट बनवाया था पर उसपर आजतक वीजा स्टाम्प नहीं लगा , बुरा नहीं मानेंगे मैं तो केवल अपनी ब्यथा आपसे शेयर कर रहा हूँ कृपया इसकी चर्चा भी आप कहीं नहीं करेंगे . सफाई के लिए आपका सन्देश बहुत अच्छा है पर क्या अमेरिका में भी कचरे को उठाने निगम वाले नहीं आते जनता ही कचरे को उठाकर कूड़ा जहाँ डैम्प होता वहां ले जाती है कृपया इस पर भी खुलासा कीजियेगा निस्संदेह हम भारतीय अमेरिका जाकर वहां के अनुशासन का पालन करने लगते हैं और ऐसा हमारे भूतपूर्व राष्ट्रपति डाक्टर ए. पी. जे. अबुल कलाम साहब भी एक बार कहे थे पर उनकी बात भी हम भारत वासियों के पल्ले नहीं पड़ी . मुझे पूरा विश्वास है वहां का सरकारी तंत्र इस तरह भ्रष्ट नहीं होगा और नेता भी केवल टेलीविजन पर झाड़ू लेकर फोटो नहीं खिचवाते होंगे .

के द्वारा: ashokkumardubey ashokkumardubey

अब केवल याद है साफ़ सुथरी हर तरह की गाड़ियों को निर्वाद गति देने वाली सड़कें, स्वच्छ गली कूचे, पार्क, आँगन ! कहीं कोई कूड़ा नहीं, कोई पॉलीथिन नहीं, सरकारी दीवालों की तरफ खड़े होकर कोई खुले में लघु शंका नहीं करते, न गली कूचे सडकों पर चहल कदमी करते हुए कोई बीडी सीग्रेट पीते ही कोई नजर आता है ! विश्व भर के अच्छे बुरे लोग वहां रहते हैं लेकिन वहां जाते ही वे सारे असभ्य भी अमेरिका, जापान, यूरोप जाकर वहां के सभ्य नागरिक बन जाते हैं ! वैसे हमारे माननीय प्रधान मंत्री जी का सन्देश भारतवासियों को रास तो आ रहा है, लेकिन जैसे ही ये चोरी चोरी सड़क गलियों में कूड़ा फेंकने वाले सुधरेंगे हमारा भारत देश भी जापान अमेरिका जैसे ही साफ़ सुथरा नजर आएगा ! बहुत अच्छा लेख ! आदरणीय हरिरावत जी ! अब भारत भी धीरे धीरे सुधार की ओर कदम बढ़ा रहा है ! पूर्ण सुधार होने में जरूर कुछ साल लगेंगे ! मंच पर बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई !

के द्वारा: sadguruji sadguruji

प्रिय श्री रावत जी, सादर नमस्कार.आप एक दम सही कहते हैं कि मन एते का त्यागपत्र देना एक नाटक से ज़्यादा कुछ भी नहीं है, हम इंदिरा गांधी से लेकर आज तक इस सल्तनत के अनेकों नाटक देखते रहे हैं. सबसे पहले ये ना ना करते हुए राजनीती में प्रवेश करते हैं. फिर सत्ता पर कब्ज़ा कर लेते हैं. त्यागपत्र देने का नाटक भी इसी का एक हिस्सा है. इनको पता है कि त्यागपत्र कभी स्वीकार नहीं होगा क्योंकि कांग्रसियों कि रोटी रोज़ी इसी पर चलती है. त्यागपत्र स्वीलार होने पर कांग्रेस कि दूकान बंद हो जायेगी. सभी कांग्रेसी बेरोज़गार हो जाएंगे. इनके भूखे रहने की नौबत आ जाएगी. दुकान चलती रहने में ही फायदा है एक अत्यंत यथार्थपरक लेख के लिए आप बधाई के पात्र हैं. कृपया अपना जन जागरण अभियान चालू रखिये.

के द्वारा: Dr S Shankar Singh Dr S Shankar Singh

इस अच्छे लेख के लिए बधाई.आपने सही कहा है-शायद कांग्रेस को आने वाले दिनों में इससे भी और बुरे दिन देखने पड़े ! जनता इनके पिछले १० साल के भ्रष्ट और लूट मार की राहनीति से तंग आगई थी और उन्हें ज्यादा बर्दास्त नहीं कर सकती थी ! आने वाले विधान सभा चुनाओं में भी कुछ ऐसा ही होने वाला है ! विश्वस्त सूत्रों से यह भी सुनने में आया है की कांग्रेस के जीते हुए सांसद कुछ कुछ पका रहे हैं, खिचड़ी पका रहे हैं या कुछ और अभी खुलासा नहीं हो पाया है ! कुछ का तो यहां तक कहना है अगर माँ बेटे की नियत साफ़ होती तो त्याग पत्र देने के बाद नीतीश कुमार की तरह वापिस नहीं लेते तो जनता में उनकी इज्जत बढ़ती, अब तो जनता को भी लगाने लगा है की यह त्याग पत्र की राजनीति मात्र ड्रामा था !

के द्वारा: sadguruji sadguruji

आपका मेरे पोस्ट पर किये गए प्रतिक्रिया के जवाब में - आदरणीय चाचा जी, सादर प्रणाम! चाचा जी आपका मुझ पर असीम प्यार और आशीर्वाद है भला कैसे भूल सकता हूँ गुस्सा के बारे में तो सोच भी नहीं सकता … आपका आशीर्वाद मिलता रहे यही कामना करता हूँ! आजकल जागरण जंक्सन पर कुछ तकनीकी समस्या है जिससे यह काफी सुस्त (स्लो) हो गया है कभी कभी पकड़ से बाहर भी हो जाता है ..कभी कभी प्रतिक्रियाएं दिखती नहीं … आपसे क्षमा याचना सहित! आपका भतीजा – जवाहर धीरज से काम लें, सारे प्रत्याशियों की जन्म पत्री, उनका कर्म क्षेत्र का विवेचन करें ! सर्व गुण सम्पन आज के जमाने में शायद ही कोई होगा, लेकिन दूसरों के मुकाबले जो सरदार पटेल जैसे लौह पुरुष हो, सशक्त तजुर्बेकार शासक, आकर्षक व्यक्तित्व वाला, प्रगतिशील विचारों वाला, विकास पुरुष, मतदाताओं का समान करने वाला, बच्चों को स्नेह देने वाला उनकी शिक्षा, खेल और मनोरंजन का विशेष प्रबंध करने वाला, जनता ही जिसका परिवार हो, मंत्री मंडल की राय मांगे पर स्वयं निर्णय करने वाला हो ! ! जो तमाम आतंकवादियों को तुरंत फांसी पे लटका दे, भ्रष्टाचारियों, लुटेरों, हत्यारों, रेपिस्टों, काला धन पतियों को काला पानी भेज दे ! नारियों की सुरक्षा कर सके, ऐसे विकास शील सशक्त आकर्षक व्यक्तित्व, ५६ इंच के सीना वाले कर्मठ व्यक्ति को वोट देकर देश की तकदीर बदलने में सहयोग करें ! कम लिखा ज्यादा समझना ! जय हिन्द हरेन्द्र बस चाचा जी परिणाम आने वाला है, सर्वोत्तम के सरकार बनने ही वाली है. अब आगे नए भारत के अच्छे दिन का इन्तजार है ... सादर!

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रावत जी नमस्कार ! आपने अच्छी खिचाई बी जे पी कि की है बी जे पी में बेचैनी है कैसे दिल्ली कि गद्दी मिलेगी इसमें संदेह नहीं आज नरेंद्र मोदी को प्रधान मंत्री के पद के योग्य भारत कि जनता मान रही है और चरों तरफ नमो नमो कि गूँज है और मैं भी चाहूंगा इस देश का अगला प्रधान मंत्री कोई दबंग ब्यक्ती हो जो फैसले लेने में किसी दूसरे कि तरफ ना देखता फिरे बल्कि उचित समय पर उचित निर्णय करे तभी देश कि जनता को एक सफल नेतृत्व मिलेगा लेकिन आम आदमी पार्टी कि आलोचना जब ये पार्टियां और नेता करते हैं तो बहुत दुःख होता है , और उनकी नादानी पर अफ़सोस भी होता है कभी ये नेता यह नहीं सोचते कि जरूर कोई गुणवत्ता इस अरविन्द केजरीवाल में होगी तभी उसने एक साल के अंदर एक नयी पार्टी बनाकर उनके १५ साल पुराने किले पर फतह कर लिया अब समर्थन देकर टांग खिचाई कर रहें हैं लेकिन शायद उनको यह नहीं मालूम कि जो ब्यक्ती मुख्य मंत्री रहते हुए दिल्ली कि भयंकर ठंढी में रात भर फूट पाथ पर सोकर रात गुजार सकता है वह जनता को अधिकार और न्याय दिलाने के लिए और बहुत कुछ कर सकता है .एक अच्छा आलेख लिखने के लिए आपको धन्यवाद

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